मुहर्रम, दशहरा एवं भरत मिलाप त्योहार के एक साथ पड़ने पर संवेदनशीलता को देखते हुए शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर सुरक्षा की व्यवस्था की तैयारी की गई है। शहर को चार जोन में बांटकर ड्रोन कैमरे से नजर तो रखी ही जाएगी। भारी संख्या में बाहरी फोर्स एवं इंटेलीजेंस ने शहर में डेरा डाल दिया है। डीआईजी एवं मंडलायुक्त खुद कैंप करके शहर में सुरक्षा की पल पल की जानकारी लेते रहेंगे।
त्योहारों को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बाहरी फोर्स की भी व्यवस्था की है।
इसके तहत जिले में बाहरी पांच एएसपी, 12 सीओ, 15 इंसपेक्टर, 200 सब इंसपेक्टर, 700 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी, 1100 होमगार्ड, 50 महिला आरक्षी, 50 महिला एसआई, तीन कंपनी आरएएफ, 3 कंपनी रामनगर की पीएसी, एक कंपनी सीआईएसएऊ, 55 इंटीलीजेंस, 5 फायर दस्ता, एक वाटर कैनन, चार ड्रोन कैमरा, 150 सीसी कैमरा, दो बम डिस्पोजल दस्ता, दो डाग स्क्वायड, दो रेडियो शाखा की टीम आई है।
इसके अलावा जनपद की पुलिस भी रहेगी। पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय का कहना है कि शहर को त्योहार के दृष्टिकोण से इस प्रकार की सुरक्षा की गई है कि किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।