शहर के छत्तरपुरा स्थित दारुल हदीश मदरसे में घटिया खाना खाने से बीमार हुए 13 बच्चों की घटना से प्रशासन में खलबली है। प्रशासन ने घटिया व्यवस्थ्ाा के साथ संचालित मदरसों के खिलाफ कड़ाई का मन बनाया है।
गुरुवार को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण उत्तर प्रदेश फैजुर्रहमान ने जिले के तीन मदरसों का निरीक्षण किया। संबंधित अभिलेखों की जांच पड़ताल की एवं आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इसमें एक मदरसा तो केवल टिनशेड डालकर मान्यता के लिए आवेदन किया पाया गया।
नगर के छित्तनपुरा रहमत नगर में चलने वाले मदरसा खदियतुल कोबरा निस्वा पर पहुंचकर निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण उत्तर प्रदेश हैरान रह गए। यहां पर केवल एक टिनशेड लगा पाया गया। उन्हें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने बताया कि यह भू भाग मैनेजर के आवासीय मकान का हिस्सा है।
उसके गेट पर दो महीने पहले ही मदरसा का बोर्ड लगाया गया है। इसी मदरसे के लिए आलिया की मान्यता के लिए इकबाल ने आवेदन किया है। जो मानकों को न पूरा करने के कारण लंबित है।
उसके बाद एक अन्य मदरसा आयशा सिद्दिकिया का निरीक्षण उन्होंने किया। इसके साथ ही मदरसा तालिम गाहे निस्वां का निरीक्षण भी किया। हालांकि यहां पर सब ठीकठाक पाया।
इन मदरसों के बाबत मलिक ताहिरपुरा मुहल्ला निवासी नसीम ने शिकायत की थी कि मदरसों मेें टीचरों की नियुक्ति में मानकों की अनदेखी की गई है।
इन मदरसों की भूमि संबंधी जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने तहसीलदार को पत्र भेजा है। तहसीलदार की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। निदेशक ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से नियमानुसार मान्यता देने का निर्देश दिया।