कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
गुरुवार को राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए देवेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के हालात काफी चिंताजनक हैं। हर वर्ग में घोर निराशा है।
नौजवान नौकरी के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ प्रदेश की नौकरियों में भर्ती योग्यता के आधार पर न होकर जाति विशेष के आधार पर हो रही है। प्रदेश में किसान आत्महत्या करने पर विवश हैं। वहीं सरकार किसानों के क्षतिग्रस्त फसल की क्षतिपूर्ति हेतु पारदर्शिता से मुआवजा वितरण का कार्य कर रही है।
जिलाध्यक्ष ने मांग किया कि प्रदेश में भर्ती करने वाले सभी आयोग को बर्खास्त् करते हुए उनके कार्यकाल में की गई भर्ती की सीबीआई जांच कराई जाए। जिससे मेधावी छात्रों के साथ अन्याय न हो सके।
प्रदेश सचिव देवप्रकाश राय ने कहा कि किसानों के गन्ना का बकाया भुगतान ब्याज सहित कराया जाए। प्रदेश सरकार द्वारा माफ किए गए ब्याज के शासनादेश को वापस लिया जाय। वहीं जो मालिक भुगतान में हीलाहवाली कर रहे हैं उनके खिलाफ आरसी जारी कर उन्हें जेल भेजने का काम हो।इसके साथ ही नागरिकों के विकास के लिए पूर्वांचल क्षेत्र के विकास के लिए पूर्वांचल राज्य का गठन हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रुप से अब्दुल्ला, श्रीकांत श्रीवास्तव, सुखारी पाल, सुरेन्द्र यादव, जंगब बहादुर, ओमप्रकाश, मुहम्मद जकारिया, तारकेश्वर जायसवाल, मानसिंह आदि मौजूद रहे।