जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे सेवा खराब हुए चार माह बीत जाने के बाद भी शासन से बजट स्वीकृत नहीं हो सका है। अस्पताल प्रशासन की ओर से 6.50 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन मामला अभी तक लंबित है।
जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों में किसी के पैर में चोट है, किसी बच्चे के सीने में चोट लगी है, तो कोई पैर के फ्रैक्चर के कारण दर्द से पीड़ित है। डिजिटल एक्स-रे सेवा ठप होने से मरीजों को इलाज में काफी परेशानी हो रही है और उन्हें निजी एक्स-रे सेंटरों पर जांच करानी पड़ रही है।
हालत यह है कि सरकारी अस्पताल में एक रुपये की पर्ची पर परामर्श तो मिल जा रहा है, लेकिन जांच के लिए मरीजों को निजी सेंटरों पर जाना मजबूरी बन गया है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 800 से अधिक ओपीडी होती है। लगातार चार माह से डिजिटल एक्स-रे मशीन का मदर बोर्ड खराब होने के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन 40 से अधिक मरीज निजी सेंटरों में एक्स-रे कराने को मजबूर हैं।
बुधवार को ओपीडी में पहुंचे मरीजों को भी डिजिटल एक्स-रे सुविधा नहीं मिल सकी। मरीजों का कहना है कि सामान्य एक्स-रे किया जा रहा है, लेकिन रिपोर्ट आने में अधिक समय लग रहा है।
कई बार रिपोर्ट देर से मिलने के कारण डॉक्टरों के ओपीडी से उठ जाने पर मरीजों को अगले दिन रिपोर्ट दिखानी पड़ रही है। इससे गंभीर बीमारियों की सही समय पर पहचान प्रभावित हो रही है। आर्थो, चेस्ट, ईएनटी विभाग के साथ इमरजेंसी मरीजों को भी डिजिटल एक्स-रे की सलाह दी जाती है।
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सी-आर्म मशीन खराब होने से ऑपरेशन ठप
जिला अस्पताल में सी-आर्म मशीन पिछले चार माह से खराब पड़ी है। इसके चलते रोजाना दो से तीन मरीज बिना हड्डी ऑपरेशन कराए वापस लौट रहे हैं। मरीजों को परामर्श तो मिल रहा है, लेकिन ऑपरेशन न हो पाने से उन्हें या तो निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है या उच्च केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। चार माह बीत जाने के बाद भी न तो मशीन की मरम्मत हो सकी है और न ही नई मशीन उपलब्ध कराई गई है। आरोप है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर भी ले जा रहे हैं।
प्रतिक्रिया
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पैर में चोट है। जिला अस्पताल का डिजिटल एक्स-रे खराब होने के चलते दो घंटे से बैठे हैं। कब एक्सरे होगा पता नहीं चल पा रहा है। -भरत यादव, मटेंहूं
बच्चे को सीने में चोट लगी है। दो घंटे से जिला अस्पताल में एक्सरे के लिए इंतजार कर रहा हूं।- मनोज सिंह, पलिया
पत्नी के पैर में फैक्चर है। जिला अस्पताल में चिकित्सक ने डिजिटल एक्सरे लिखा था। अस्पताल में डिजिटल एक्सरे खराब होने के चलते बाहर से कराना पड़ा।- संतोष, निजामुद्दीनपुरा
सड़क दुर्घटना में हाथ टूट गया है। चार घंटे बाद मैनुअल एक्सरे मिला है। चिकित्सक को अगले दिन दिखाएंगे। -गोलू यादव, मरदह
चार माह से शोपीस बनी पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार महीने पहले आई डिजिटल पोर्टेबल एक्स-रे मशीन अब तक इंस्टाल नहीं हो सकी है। इससे मशीन शोपीस बनी हुई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रामबदन ने बताया कि पासवर्ड और ओटीपी के लिए कई बार प्रयास किया गया था। हाल ही में पासवर्ड और ओटीपी प्राप्त हुआ है। जल्द ही डिजिटल एक्स-रे सेवा शुरू की जाएगी। फिलहाल पुराने एक्स-रे मशीन से जांच की जा रही है। वर्तमान में छोटी साइज की फिल्म उपलब्ध है, जबकि नॉर्मल साइज की फिल्म के लिए डिमांड भेजी गई है।
मरीजों को नहीं मिल रही एक्स-रे रिपोर्ट, निजी केंद्रों पर मजबूरी
परदहां ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन 40 से 50 गांवों के मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन एक्स-रे रिपोर्ट उपलब्ध न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, कोरोना काल में सीएचसी पर डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाई गई थी, लेकिन प्रिंटर न होने के कारण रिपोर्ट नहीं निकल पाती, जिससे मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ती है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि कोरोना काल में डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित की गई थी। आम मरीजों के लिए नई एक्स-रे मशीन आ गई है, जिसे लगभग 15 दिनों में चालू कर दिया जाएगा।
वर्जन
चार महीने से डिजिटल एक्सरे में खराबी है। इसको लेकर प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। -डॉक्टर धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल मऊ