मऊ। जिले में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। शनिवार को तड़के से ही शीतलहर से लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। सड़कों पर सन्नाटा जैसी स्थिति रही। दोपहर तक भगवान भाष्कर का दर्शन न होने से लोग ठिठुरते रहे। दोपहर बाद धूप निकली तो लोगों को ठंड से राहत मिली। लोगों को धूप का आनंद लेते देखा गया।
बर्फीली हवा चलने से लोगों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा। दोपहर 12 बजे तक भगवान भाष्कर का दर्शन न होने से लोग ठिठुरते रहे। रोडवेज तथा रेलवे स्टेशन पर प्रतीक्षारत यात्रियों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा था। शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 80 प्रतिशत रही। हवा 11 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही थी। दोपहर बाद धूप निकली तो लोगों को राहत मिली। जगह-जगह लोग धूप का आनंद लेते देखे गए। हालांकि जैसे-जैसे शाम ढलती गई, सर्दी के साथ ही गलन का असर भी बढ़ता गया। शाम ढलते ही एक बार फिर से लोग ठंड से कांप उठे। कड़ाके की ठंड में लोगों को अलाव ही सहारा बना है। मझवारा संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में शनिवार को बर्फीली हवा चलने से लोग ठंड से बेहाल रहे। भीषण ठंड पड़ने के बाद भी क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका।