भारतीय स्टेट बैंक की शाखा चिरैयाकोट के लिए ले जाए जा रहे 30 लाख रुपये की लूट में सुरक्षा की लापरवाही साफ तौर पर देखी जा सकती है। इतनी बड़ी रकम ले जाने पर न तो इसका ख्याल बैंक ने रखा और न ही पुलिस को सूचना दी गई।
यही कारण था कि बदमाशों ने आराम से चालक और गार्ड को गोली मारी और बाक्स ही लेकर फरार हो गए। घटना स्थल भी ऐसा चुना जहां से कई जनपदों की सीमा नजदीक है। ऐसे में यह ज्यादा संभावना जताई जा रही है कि बदमाश कई दिनों से रेकी करने के बाद ही घटना को अंजाम दिए होंगे।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय का कहना है कि बैंक द्वारा पुलिस को कोई सूचना कैश ले जाने नहीं दे गई थी। हालांकि जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी होगी।
अमूमन पांच लाख से अधिक किसी भी बैंक के कैश को इधर से उधर ले जाए जाने पर संबंधित बैंक को स्थानीय पुलिस को सूचना देनी पड़ती है लेकिन सोमवार को करमी समाउद्दीनपुर गांव के निकट चिरैयाकोट-मुहम्मदाबाद गोहना मार्ग पर हुई लूट की घटना में किसी भी बात का ध्यान न रखना बड़ी लापरवाही उजागर कर रही है।
इसमें न सिर्फ बैंक के कैशियर सहित वहां के प्रबंधतंत्र की बल्कि दोनों थानों की पुलिस की भी जिनके क्षेत्र में इस प्रकार की घटना को अंजाम देकर बदमाश आराम से फरार हो गए। बता दें कि करमी गांव के निकट से ही जहानागंज मार्ग से आजमग़ढ़, गाजीपुर भी जाया जा सकता है।
घटना को अंजाम देने के बाद ज्यादा संभावना जताई जा रही है कि बदमाश मऊ जनपद छोड़कर दूसरे जनपद में प्रवेश कर गए होंगे ताकि वहां की पुलिस उतना न सक्रियता से खोज सके। हालांकि मौके पर पहुंचे डीआईजी रतनलाल श्रीवास्तव ने आस पास के जनपदों की पुलिस को भी इस घटना को लेकर सक्रिय किया।
जिले में भी जगह-जगह वाहन चेकिंग शुरू कर दी गई लेकिन देर रात तक पुलिस को इसका कोई रिजल्ट नहीं मिल सका। बदमाशों के पकड़ने की बात तो दूर उनका कोई सुराग तक नहीं लग सका। माना जा रहा है कि इस घटना में किसी बड़े गैंग का हाथ हो सकता है।
जिस प्रकार बदमाशों ने दुस्साहस का परिचय दिया है और चलती बोलेरो में गोली मारी है उसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें सटीक जानकारी थी कि बोलेरो में इतनी बड़ी रकम है। यही नहीं बदमाश बैंक से ही उस बोलेरो का पीछा भी किए होंगे और उपयुक्त समय और घटना स्थल देखकर वह लूट की घटना को अंजाम दिए होंगे।