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सावन के चौथे सोमवार को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ श्रद्धालुओं ने किया पूजन

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मऊ। सावन मास के चौथे सोमवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में श्रद्धालुओं ने घरों पर ही पार्थिव शिवलिंग बनाकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया। साथ ही विधि विधान से पूजन अर्चन किया। कई शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूजन अर्चन किया। इस मौके पर हर-हर महादेव के जयकारे से वातावरण गूंज उठा। इस बीच लोगों ने पूरे दिन भगवान का व्रत रखा। साथ ही सुखमय जीवन की मंगल कामना की।
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सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। भगवान शंकर का जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार सृष्टि को बचाने के लिए देवासुर संग्राम में समुद्र मंथन से निकले विष को शिवजी ने पी लिया था। इससे उनका शरीर बहुत ही ज्यादा गर्म हो गया जिससे शिवजी को काफी परेशानी होने लगी थी।
इसी मान्यता के तहत सावन माह के चौथे सोमवार के मौके पर तड़के से ही भगवान शिव का पूजन अर्चन करने का क्रम शुरू हो गया। शिवभक्तों ने घरों पर ही पार्थिव शिवलिंग बनाकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया। साथ ही विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
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वहीं नगर में बालनिकेतन मोड़ स्थित शिवमंदिर, कैलाशपुरी, पक्का पोखरा शिवमंदिर, कतुआपुरा शिवाला, मठियाटोला शिवमंदिर, हनुमानघाट, भीटी स्थित शिवमंदिर, पावरहाउस कालोनी स्थित शिवमंदिर सहित विभिन्न मंदिरों पर भी कुछ भक्तों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। साथ ही विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा वातावरण
रानीपुर: सावन माह के चौथे सोमवार को क्षेत्र के पलिगढ़, खुरहट, काझा, रामवन कुटी स्थित शिव मंदिर, ब्राह्मणपुरा सहित विभिन्न गांवों में स्थित शिव मंदिरों और मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में स्थापित शिवलिंग पर बेलपत्र, अक्षत, दूध आदि से भगवान शंकर का विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
बढुआगोदाम: सावन माह के चौथे सोमवार को क्षेत्र के नेशनल हाइवे स्थित ताजोपुर इंडस्ट्रीयल स्टेट स्थित शिव मंदिर, बढुआगोदाम, डुमरांव, सिंधी बाबा की कुटी स्थित शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर बेलपत्र, अक्षत, दूध आदि से भगवान शंकर का पूजन अर्चन किया। श्रद्घालुओं के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।
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