नगर के ढेकुलिया घाट स्थित त्रिदेव धाम मंदिर में शुक्रवार रात श्री आदिशक्ति भगवती मां नारायणी राणी सती दादी का वार्षिक भादी अमावस्या महोत्सव आयोजित किया गया। दिल्ली और बनारस से मंगाए गए फूलों, तोरण द्वार और झालरों से मंदिर परिसर को सजाया गया। गणेश वंदना और पूजन-अर्चन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद देर रात तक भजन संध्या हुई। इस दौरान मंदिर परिसर ‘हर-हर नारायणी, घर-घर नारायणी’ के जयकारों से गूंजता रहा।
विजय तुलस्यान ने मां नारायणी के आध्यात्मिक महात्म्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाभारत काल में अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा को भगवान श्रीकृष्ण के वरदान के फलस्वरूप कलियुग में मां नारायणी का प्राकट्य हुआ। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर झुंझुनू शक्तिपीठ की तर्ज पर मां के दरबार में हाजिरी लगाने की परंपरा है।
महोत्सव में नगरवासियों सहित देश-विदेश के श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की गई। भजन संध्या में विजय तुलस्यान ने ‘भादी मावस है आई भक्तों ने ज्योत जगाई’ और चुनरी उत्सव पर आधारित भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद अर्चना तुलस्यान और कोमल अग्रवाल ने भजनों की प्रस्तुति दी।
श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे। उत्सव में सुहागिन महिलाओं ने मां नारायणी को रोली, अक्षत, मेहंदी और चुनरी अर्पित कर अखंड सौभाग्य की कामना की। मां को छप्पन भोग और सवामनी अर्पित की गई। महाआरती के बाद आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।