मऊ। कोपागंज ब्लाक के फैजुल्लाहपुर ग्राम पंचायत में दो अपात्रों को सरकारी आवास देने के मामले में निदेशक पंचायती राज के आदेश के तीन महीने बाद भी धनराशि की वसूली नहीं कराई गई। अपात्र व्यक्तियों ने रकम मिलने के बाद आवास का निर्माण शुरू नहीं कराया। इसके बाद भी इन दोनों को आवास की दूसरी किस्त दे दी गई। निदेशक के आदेश के बाद आवास आवंटन के जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई तो दूर अब फिर से इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मामले की जांच एडीओ को आपरेटिव कोपागंज जांच कर रहे हैं।
कोपागंज ब्लाक के फैजुल्लाहपुर गांव निवासी चंद्र कुमार राय ने गांव के दो अपात्र व्यक्तियों को आवास आवंटित कर धन आवंटित करने का आरोप लगाते हुए जिले के अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया था। जनपद स्तर से कोई सकारात्मक पहल न होने पर चंद्र कुमार ने निदेशक पंचायती राज को16 दिसंबर 2021को शिकायती प्रार्थनापत्र दिया। अपने शिकायती प्रार्थनापत्र में चंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि गांव के अमरजीत और राधेश्याम को गलत तरीके से आवास आवंटित कर दिया गया। ये दोनों आवास पाने के लिए पात्र नहीं हैं। इस मामले में कराई गई जांच में शिकायत सही पाई गई। निदेशक पंचायती राज ने 17 जनवरी 2022 को जारी अपने आदेश में लिखा है कि अमरजीत और राधेश्याम को अपात्र होने के बावजूद आवास की रकम जारी की गई। इन दोनों अपात्रों से आवास के लिए दी गई रकम वसूली जाए। इसके साथ ही आवास आवंटन के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करके सूचित किया जाए। लेकिन अब तक दोनों आरोपियों से आवास की रकम की वसूली नहीं की गई है। निदेशक पंचायती राज के आदेश के बाद अब विभाग लीपापोती में जुट गया है। अब पीडी ने दुबारा जांच के आदेश दिए हैं।अबकी बार जांच एडीओ कोआपरेटिव को सौंपी गई है।
प्रकरण संज्ञान में है। जांच एडीओ कोआपरेटिव को सौंपी गई है। एक दो दिनों में ही वे अपनी जांच रिपोर्ट दे देंगे तब आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - क्षिप्रा पाल, खंड विकास अधिकारी कोपागंज, मऊ।