घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय ने संसद में घोसी चीनी मिल के आधुनिकीकरण और स्थायी पुनरुद्धार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि संसदीय क्षेत्र में स्थित घोसी चीनी मिल, जिसका आधिकारिक नाम किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड है, वर्तमान में पेराई कार्य के लिए पूरी तरह बंद पड़ी है।
सांसद ने बताया कि वर्ष 1982 में स्थापित यह मिल जनपद की एकमात्र प्रमुख औद्योगिक इकाई रही है, जो हजारों गन्ना किसानों और श्रमिकों की आजीविका का प्रमुख आधार रही है। किसानों के तीव्र विरोध के बाद मिल को कुछ समय के लिए पुनः चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन यांत्रिक खराबी और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण पेराई कार्य फिर से स्थगित करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मिल को आवंटित गन्ना अब पड़ोसी जनपद आजमगढ़ के सठियांव स्थित चीनी मिल को भेजा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद ने बताया कि हाल ही में मिल के पुनः संचालन और आधुनिकीकरण की मांग को लेकर किसान महापंचायत भी आयोजित की गई थी। पिछले एक दशक में जनपद में कोई नया उद्योग स्थापित नहीं हुआ है, ऐसे में इस इकाई के बंद होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मिल को पुनः चालू करने के साथ इसके व्यापक तकनीकी उन्नयन, आधुनिकीकरण और स्थायी पुनरुद्धार के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की।