मधुबन के चक्कीमूसा डोही गाँव में बाढ़ के पानी से घिरे मकान।
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दुबारी। घाघरा के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के नदी के घेरे में रहने वाले 20 गांवों के लोगों की मुुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। जलजमाव से गांवों का आसपास के अन्य गांवों से संपर्क कट हुआ है। सैकड़ों एकड़ जलमग्न फसलों के नष्ट होने से पशुुुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन किसानों की सुधि लेने की जहमत तक नहीं उठाया। बाढ़ पीड़ित बंधे पर खानाबदोश की जिंदगी जीने को विवश हैं।
परसिया जयराम गिरी हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर तक 65.96 मीटर रहा। जबकि शनिवार को 66.46 मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 66.31 मीटर रहा। नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, भगत का पुरा, विनटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बइरकंटा, विशुन का पुरा, पब्बर का पुरा, खैरा हरिलाल का पुरा, बिंदर का पुरा, बिशुन का पुरा, भगत का पुरा, धुस पुरा, पब्बर का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा,परसिया, गजियापुर मोलनापुर का बलुआ सहित 20 गांवों के लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है।
मधुबन के गजियापुर गाँव में बाढ़ के पानी से घिरी मड़ई,डूबी फसल।- फोटो : MAU