मऊ। नफरती भाषण देने और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 31 मई को फैसला आ सकता है। सीजेएम डाॅ. केपी सिंह की अदालत ने मामले में फैसले के लिए तिथि तय कर दी है। मामले में अभियोजन की तरफ से बहस पूरी हो चुकी है। अब मामले में अभियुक्त व सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी के अधिवक्ताओं को बहस पूरी करनी है।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी, उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जिले के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी को नामजद किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच की और आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा क्षेत्र से सुभासपा के प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा
के दौरान मऊ के प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाया था। कहा था कि चुनाव के बाद हिसाब-किताब किया जाएगा। सबक सिखाया जाएगा। मामले की सुनवाई सीजेएम डाॅ. केपी सिंह की अदालत कर रही है।
अभियोजन की ओर से बहस पूरी हो गई है। पत्रावली निर्णय के लिए सुरक्षित है। - हरेंद्र सिंह, अभियोजन अधिकारी
आरोपियों ओर से बहस अभी बाकी है। निर्णय की तिथि से पहले ही बहस पूरी कर ली जाएगी।- दरोगा सिंह, अधिवक्ता, बचाव पक्ष