खुले नाले और गड्ढे पहले भी छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हुए हैं। बीते 18 मार्च की शाम दोहरीघाट नगर पंचायत के रामघाट पर अपने दोस्तो के साथ खेलने पहुंचे मंजीत (14) और समर साहनी 13 निर्माणाधीन पिलर के गड्ढे में गिरकर दब गए थे। हादसे में मंजीत की मौत हो गई थी, जबकि समर इलाज के बाद ठीक हो गया था।
29 दिसंबर 2024 को घोसी नगर पंचायत के बड़ागांव में घर के सामने गुजरे खुले नाले में गिरने से अभय राजभर (2.5) की मौत हो गई थी। पिता शिवकुमार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए घोसी कोतवाली में ईओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी थी। 24 नवंबर 2021 में दोहरीघाट नगर पंचायत में स्टेशन रोड के पास सम्मिलित मुहल्ला में कन्हैया के इकलौता बेटे (1.5) की घर के बाहर खेलते समय खुले नाले में गिरकर मौत हो गई थी।
क्या बोली पुलिस
पिता की तहरीर पर गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर बालक की तलाश की जा रही थी। रविवार की सुबह बोरिंग के गड्ढे में शव मिलने की सूचना मिली। शव का पंचनामा बनाकर जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
- विजय प्रकाश मौर्य, थाना प्रभारी निरीक्षक, हलधरपुर