हलधरपुर थाना क्षेत्र के तमसा के तटवर्ती विभिन्न गांवों में अवैध खनन का कारोबार बढ़ गया है। इन दिनों रात भर दर्जनों ट्रैक्टर से बालू की बिक्री बाजार में की जा रही है। खेतों में मिट्टी खनन से जहां किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं सरकारी राजस्व की चपत लग रही है। सब कुछ जानकर जिम्मेदार विभागीय अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
हलधरपुर थाना क्षेत्र के तमसा नदी के तटवर्ती सहित विभिन्न गांवों से बालू, मिट्टा खनन तेजी से हो रहा है। कहीं जेसीबी से तो कहीं श्रमिकों के माध्यम से मिट्टी एवं बालू का अवैध खनन हो रहा है। इसकी रॉयल्टी तक जमा नहीं हो रही है। मिट्टी एवं बालू को ढोने वाले ट्रैक्टर संचालकों की ऊंची पहुंच होने के कारण पुलिस तथा संबंधित विभाग के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।
क्षेत्रवासियों को मलाल है कि स्थानीय स्तर पर बालू, मिट्टी के इस अवैध कारोबार की शिकायत को जिम्मेदार गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लगभग छह माह पूर्व तत्कालीन एसडीएम सदर अतुल वत्स ने छापा मारकर कई ट्रैक्टर ट्रालियों को सीज किया था। लेकिन अब प्रशासनिक कार्रवाई न होने से बालू, मिट्टी खनन का कारोबार खूब फल फूल रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के श्यामलाल, सतिराम प्रसाद, महेंद्र राम, रामलाल का आरोप है कि कई बार स्थानीय तथा प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर इस अवैध कारोबार की जानकारी दे चुके है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
इस बाबत एडीएम डीपी पाल का कहना है कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक के लिए तहसीलदार और थानाध्यक्ष को सख्त निर्देश दिए गए हैं। शिकायत मिली तो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।