कोपागंज। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग को कुछ लोग बीते 14 जुलाई को अगवा कर ले गए। खोजबीन के दौरान वास्तविक जानकारी होने पर किशोरी के भाई ने 17 जुलाई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें पीड़ित भाई ने चार लोगों को आरोपित किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस बीच किशोरी किसी तरह से जान बचाकर घर लौट आई। किशोरी के भाई और मां का आरोप हैं कि पुलिस नामजद आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद कार्रवाई करने की बजाय उन पर सुलह के समझौता करने का दबाव बना रही।
पुलिस को सौंपे गए तहरीर में परिवार के सदस्यों ने बताया कि बीते 14 जुलाई को नामजद आरोपीगण नाबालिग को नशीली दवा खिलाकर अगवा कर ले गए। परिवार के सदस्य किशोरी की खोजबीन कर ही रहें थे कि 16 जुलाई को किशोरी आरोपियों के चंगुल से बचकर घर पहुंची। किशोरी के आपबीती बताने पर परिवार के सदस्य मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोपागंज थाने पहुंचे। पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में किशोरी के भाई और मॉ ने चार युवकों को आरोपित किया। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। जबकि इस संबंध में लड़की के मां और भाई का आरोप है पुलिस ने युवकों को हिरासत में ले लिया हैं, लेकिन कार्रवाई करने के बजाए उल्टे उन्हें धमकी देने के साथ मामले की सुलह कराने पर दवाब बना रहे है। इस संबंध में परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर पुरे मामले से अवगत कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
इस बाबत सीओ घोसी अनिल कुमार ने कहा की अगर पुलिस ने पांच दिनों से आरोपियों को हिरासत में लेकर बैठाया है तो मामला गंभीर है। जांच कराई जाएगी मामला सिद्ध हुआ तो संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही तय है।