मधुबन थाना क्षेत्र के लखनौर गांव में लक्ष्मीशंकर ने अपने घर में हैवान बनकर पत्नी डिम्पल के साथ दो पुत्रियों को मौत के घाट उतार दिया, लेकिन दिन होने के बाद भी पड़ोसियों से लगाये अन्य किसी को इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी। डायल 100 के मौके पर पहुंचने के बाद लोगों ने जाना की इस मकान में तीन लाशें पड़ी हैं।
मर्यादपुर से करीब करीब एक किमी दूरी पर मौजूद लखनौर गांव की आबादी करीब पांच हजार की है। जहां लक्ष्मी शंकर का मकान मौजूद है उसके बगल में उसके पड़ोसी के रूप में मोती यादव तथा अभिषेक यादव का मकान है। लेकिन दिन में दोपहर 12 बजे के करीब लक्ष्मीशंकर परिवार के साथ गांव स्थित अपने मकान पर पहुंचा। यहां पर वह हैवान बनकर अपनी पत्नी और दो बच्चियों को मौत के घाट उतार दिया। लेकिन गांव और पड़ोसियों को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। प्रश्न उठता है कि जिस समय जब लक्ष्मीशंकर अपनी पत्नी का गला घोट रहा होगा, तो उसकी तीन वर्षीय पुत्री स्काई पिता के विभत्स रुप को देखकर रोई भी नहीं होगी। इसीक्रम में यदि लक्ष्मीशंकर ने यदि पहले बच्चियों को मौत के घाट उतारा होगा, तो क्या उसकी पत्नी डिम्पल पति के हैवानियत को देखकर शांत रही होगी। ऐसा तो हुआ नही होगा कि लक्ष्मीशंकर ने सभी को एक साथ मौत के घाट उतारा हो।
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बाइक लेने के लिए पुलिस टीम तुर्तीपार रवाना
मऊ। पत्नी और बच्चियों को मौत के घाट उतारने के बाद घर से फरार हुए लक्ष्मीशंकर के तुर्तीपार स्थित घाघरा नदी में छलांग लगाने और उसकी बाइक लावारिस हाल में मिलने की सूचना मिलने पर एसपी ने पुलिस की टीम रवाना किया। इस दौरान थानाध्यक्ष मधुबन नीरज पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम तुर्तीपार के लिए रवाना हो गई थी। संपर्क करने पर थानाध्यक्ष ने बताया कि बाइक मिल गई है। लेकिन लक्ष्मीशंकर के शव का कही पता नहीं चला।