डीजल-पेट्रोल के दामों को नियंत्रित करने के लिए भाकपा ने प्रदर्शन किया।
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राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आह्वान पर डीजल-पेट्रोल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा नगर में जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम के दो सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर पेट्रोलियम पदार्थ की कीमतों को नियत्रिंत करने के साथ इसे जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की। भाकपा के सचिव रामसोच यादव के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा आए दिन पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि का विरोध जताते हुए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गाजीपुर तिराहा से जुलूस निकाला। जहां से केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जूलुुस कलेक्ट्रेट पहुंचा।
जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों की बढोत्तरी रोकने और इसे जीएसटी की दायरे में लाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य इम्तेयाज ने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम जनता के साथ किसानों पर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में भारी कमी का लाभ उपभोक्ताओं को देने के बजाए तेल कंपनियों के भारी मुनाफा कमाने और निरंकुश ढंग से टैक्स में वृद्धिकर अपनी आमदनी बढ़ाने की नीति अपना रही है।
इस मौके पर विनोद कुमार राय, रामअवतार सिंह, रामजी चौहान, छविनाथ विश्वकर्मा, श्रीराम यादव, जयप्रकाश राम, फकरे आलम, सुग्गन यादव सहित अन्य भाकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।