सदर अस्पताल का निरीक्षण करतीं एसडीएम डा.अंकुर लाठर।
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सदर अस्पताल में रविवार को दो घंटे तक सदर एसडीएम डॉ. अंकुर लाठर ने निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के सीएमएस कक्ष से वार्ड तक जांच पड़ताल की। इस दौरान उन्हें अस्पताल में लगे आरओ के पानी में 380 टीडीएस मिला। सार्वजनिक कक्ष के बजाए दूसरा आरओ सीएमएस के कक्ष में लगा पाया। मुआयने के तहत अस्पताल में कई आर्थिक अनियमितताएं भी मिली। एसडीएम के सवाल के जवाब देने में एक लिपिक की तबियत खराब हो गई जबकि सीएमएस सहित कई कर्मचारी पसीने-पसीने हो गए। अगले दिन फिर निरीक्षण करने की बात कह कर एसडीएम अस्पताल से रवाना हो र्गईं। चली गई।
रविवार की सुबह 10.30 बजे एसडीएम डॉ. अंकुर लाठर सदर अस्पताल पहुंचीं। सबसे पहले वह सीएमएस कक्ष में पहुंची। वहां उन्होंने पिछले साल खरीदी गई दवाइयों की खरीददारी, आरओ की रिपेयरिंग का खर्च आदि की जांच पड़ताल की। इस दौरान सर्दी में खरीदे गए 60 हीटरों में से एक भी अस्पताल में नहीं मिला और न ही लैपटाप ही। सीएमएस दवाइंयों से लेकर हीटरों तक की खरीददारी की जानकारी नहीं दे सके और न ही हीटरों को दिखा सके। इससे पहले एसडीएम को आते देख बंद आरओ को चालू कर दिया गया। इस पर एसडीएम ने उसका पानी मंगाकर जांच कराई। जिसमें टीडीएस सामान्यत: 30 -100 के बजाए 380 निकला।
बर्न यूनिट में गंदगी के बीच मरीज के परिजन सामान के साथ दिखे। जिस पर एसडीएम ने फटकार लगाते हुए इसे दुरुस्त कराने को कहा। वहीं बच्चा वार्ड बंद मिला, जबकि दूसरे वार्डो में मरीजों की भीड़ थी। एसडीएम ने कुछ मरीजों को उसमें शिफ्ट करने का निर्देश दिया। आर्थिक अनियमितताएं मिलने पर उन्होनें संबंधित लिपिक से जब सवाल किया तो उसकी तबियत खराब हो गई। जबकि सीएमएस सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देते नहीं बना और वह पसीना-पसीना हो गए।