कोरोना संक्रमण बढ़ने से मऊ जिले के साड़ी उद्योग को काफी नुकसान पहुंचा है। पहले से मिले आर्डर अब निरस्त होने लगे हैं। वर्तमान में आर्डर मिलना बंद हो गए हैं। इससे साड़ी उत्पादन में 50 फीसदी तक गिरावट आ गई है। जो उत्पादन हो रहा है वह डंप पड़ा है। ऐसे में पावरलूम में काम करने वाले करीब डेढ़ लाख बुनकरों और उद्योग से जुड़े अन्य लोगों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है।
नगर सहित जिले के मुहम्मदाबादगोहना, घोसी, कोपागंज, अदरी, पूराघाट में बनी साड़ियां महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, कर्नाटक, उड़ीसा, तमिलनाडु में पसंद की जाती हैं। यहां की साड़ियों का करीब 500 करोड़ का सालाना कारोबार होता है। गत वर्ष कोरोना संक्रमण तथा लॉकडाउन से कारोबार पर विपरीत असर पड़ा था। दो से तीन महीने से कारोबार रफ्तार पकड़ ही रहा था कि इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आने के चलते मार्च के दूसरे हफ्ते से ही साड़ी कारोबार पर ब्रेक लग गया है। अब पहले के आर्डर निरस्त होने लगे हैं।