अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-1 दीपनारायण तिवारी ने महिला को शादी के लिए भगाने, उसके साथ दुष्कर्म करने और धमकी देने के मामले में नामजद तीन आरोपियों में सुनवाई के बाद एक को दोषी पाया।
उसे 10 साल की सजा के साथ ही कुल 14 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की पत्नी को आरोपी ने 15 अगस्त 2013 को लवंगलता खिलाकर बेहोश कर दिया। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
19 मई 2014 को वादी की पत्नी को ब्लैकमेल कर आरोपी भाग ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना सलाहाबाद गांव निवासी रामकिशुन यादव पुत्र बुद्धिराज यादव, रामजीत यादव और सिकंदर यादव पुत्रगण काशी यादव के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कुल पांच गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद रामजीत यादव और सिकंदर यादव को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया।
वहीं आरोपी रामकिशुन यादव को शादी के आशय से भगाने, दुष्कर्म करने और धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद रामकिशुन यादव को दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष की सजा के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
शादी के आशय से भगाने के मामले में पांच वर्ष की सजा के साथ तीन हजार रुपये अर्थदंड और धमकी देने के मामले में एक वर्ष की सजा के साथ एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।