मऊ। कमर्शियल बिजली कनेक्शन कराने और एफआईआर से बचाने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने पहुंचे संविदा लाइनमैन को एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार शाम रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सरवां हथिनी मोड़ स्थित चंद्रा पेट्रोल पंप के पास हुई कार्रवाई के बाद आरोपी को मऊ कोतवाली लाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। एंटी करप्शन निरीक्षक कमलेश कुमार पासवान की तहरीर पर पुलिस ने शुक्रवार को संविदा लाइनमैन सुधाकर मौर्य और जेई उमेश चंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।
प्राथमिकी के अनुसार सरवां गांव निवासी सत्येंद्र यादव की गांव के ही अनिल पासवान की जमीन पर गिट्टी, बालू और सीमेंट की दुकान है। आरोप है कि 29 जुलाई को रस्तीपुर फीडर के जेई उमेश चंद्र ने दुकान का निरीक्षण किया और घरेलू कनेक्शन को व्यावसायिक कनेक्शन में परिवर्तित नहीं कराने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी। इसके बाद सत्येंद्र ने छह अगस्त को कमर्शियल कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया।
आरोप है कि इसके बावजूद जेई उमेश चंद्र और क्षेत्रीय संविदा लाइनमैन बारीगांव निवासी सुधाकर मौर्य द्वारा एफआईआर से बचाने और पक्ष में रिपोर्ट लगाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। सत्येंद्र यादव ने सात अगस्त को एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ में लिखित शिकायत की।