फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संविधान नागरिकों को समानता का देता है अधिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
संविधान ने हमें स्वतंत्रता का अधिकार दिया है। भारत के किसी भी भूभाग पर बसने, वहां पर कोई भी पेशा अपनाने की स्वतंत्रता संविधान देता है। संविधान ने छुआछूत को दंडनीय अपराध घोषित किया है। संविधान देश के सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। आज प्रत्येक क्षेत्र में सभी को समान अवसर मिल रहा है।
विज्ञापन

इस संबंध में महासो निवासी मिथिलेश यादव का कहना है कि संविधान ने हमें समानता का अधिकार दिया है। जिससे जन्मस्थान, क्षेत्र, जाति, धर्म, लिंग के आधार पर भेदभाव समाप्त किया है। राज्य कोष द्वारा संचालित किसी भी मनोरंजन या सार्वजनिक स्थान पर जाने की स्वतंत्रता दी है। इसी क्रम में दशईपोखरा निवासी राम करण प्रजापति का कहना है कि संविधान ने हमें स्वतंत्रता का अधिकार दिया है। भारत में कहीं भी किसी भी राज्य में आने जाने के लिए किसी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है । संविधान की शक्ति ही है जो आज पूरे देश में अलग अलग संस्कृति और स्थान के लोग मिलते हैं।
इसी क्रम में कासिमपुर निवासी रेखा तिवारी का कहना है कि संविधान भाषा, लिपि और संस्कृति रखने वाले नागरिकों के किसी भी वर्ग को उनका संरक्षण और विकास करने का अधिकार प्रदान करता है। इस प्रकार राज्य को उन पर किसी बाहरी संस्कृति को थोपने से रोकता है। संविधान हमें धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। धर्म के प्रचार प्रसार के लिए स्वतंत्रता प्रदान करता है। आज संविधान की देन है कि हमारा देश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। कासिमपुर निवासी नीतू का कहना है कि संविधान अधिकार के साथ हमें कुछ कर्तव्य भी देता है। जिसमें माता पिता को यह कर्तव्य देता है कि 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करें। वह देश के प्रतीकों का सम्मान करें , देश की विरासत को संजोएं , देश की संस्कृति का संरक्षण करें ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें