मुहम्मदाबाद गोहना के कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने डीएम को प्रार्थनापत्र सौंपकर किसानों को बीज वितरण की जांच आख्या को गलत और भ्रामक बताया है। उन्होंने दोबारा पांच बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक स्थित कृषि केंद्र पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बीते 01 अप्रैल को प्रार्थनापत्र देकर जांच की मांग की थी। आरोप लगाया था कि कृषि विभाग द्वारा निशुल्क चना, गेहूं आदि के बीज और खाद ब्लॉक क्षेत्र के वास्तविक किसानों को न देकर खरीद-बिक्री करने वालों को दिए गए।
आरोप लगाया कि जांच अधिकारी के निर्देशों के बावजूद शमशाबाद गांव के किसानों की चयन सूची कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई। सुरहुरपुर के चयनित किसानों की भूमि का विवरण दिया गया, लेकिन सत्यापन करने से परहेज किया गया कि वास्तविक रकबा कितना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सतीश चंद्र और दीपक के नाम से राजस्व अभिलेखों में कोई भूमि दर्ज नहीं है। ऐसी स्थिति में इनके नाम पर रजिस्ट्रेशन और अंगूठा कैसे लगाया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीज प्रदर्शन और चयनित गांवों की सूचना तथा लाभार्थियों के चयन के लिए कृषि विभाग द्वारा पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। इससे स्पष्ट है कि ऐसा इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि प्रचार-प्रसार से किसानों में जागरूकता बढ़ेगी और कृषि विभाग की धनउगाही में कमी आएगी।