इस दौरान पता चला कि फोटो एक वर्ष पुरानी है, जिस समय की फोटो अपलोड की गई थी, उस समय तहसील परिसर में सुंदरीकरण का कार्य पूरा नहीं हुआ था, न ही इंटरलाकिंग थी। यही से मामला पकड़ में आया। इस मामले को अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में पेज चार पर छोटे साहब की होशियारी ने बड़े साहब के कार्यों पर उठाया सवाल के शीर्षक से प्रकाशित किया।
इस दौरान खबर को डीएम ने संज्ञान में लिया। साथ ही मामले की जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान मामला सही मिला और इसके लिए लेखपाल अशोक सिंह को दोषी पाया गया। जिससे लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
डीएम ने बताया कि किसी शरारतवश लेखपाल ने पुरानी फोटो अपलोड किया, इससे प्रशासन की छवि धूमिल हुई है, इसके चलते कर्मचारी के विरुद्घ कार्रवाई की गई। डीएम ने जिले के सभी एसडीएम को सख्त आदेश जारी किया कि इस आपदा काल में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा