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Mau News: संचारी अभियान कागजों पर, वार्डों से लेकर नदी-सड़क तक कूड़े का ढेर

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नगर के निजामुद्दीनपुरा में आबादी के बीच लगा कूड़े का ढेर।संवाद
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जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुक्रवार को खत्म हो जाएगा, लेकिन जिले के 10 निकायों में सफाई की स्थिति अभियान के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
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कई वार्डों में डस्टबिन नहीं हैं, जिससे लोग सड़क किनारे, नालों के पास और खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना और दोहरीघाट नगर पंचायत ने अपने क्षेत्र से गुजरने वाली तमसा और सरयू नदियों के तटों को भी गंदा करने से नहीं छोड़ा है।
इतना ही नहीं, अमिला, अदरी और चिरैयाकोट नगर पंचायतों के कई स्थानों पर तीन-चार दिन तक कूड़ा नहीं उठाया जाता, जिससे बारिश के मौसम में दुर्गंध और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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नगर पालिका मऊ की बात करें तो 45 वार्डों से प्रतिदिन करीब 120 मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा निकलता है। लेकिन कई मोहल्ले अब भी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से दूर हैं।
बृहस्पतिवार को ही नगर के वार्ड 12 के निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले की डॉ. रामलाल गली में एक खाली प्लॉट में कचरा डंप मिला, जबकि यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है।
वहीं, इसी वार्ड में ब्रह्मस्थान के पास भी एक खाली प्लॉट में कचरा डंप मिला, जबकि इस वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का दावा किया जाता है।
इसके अलावा भीटी के बाड़ीकोट, हनुमान नगर, मुसरदह मोड़ तथा यादव बस्ती में भी यही हाल है। वहीं, मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत, जहां कुल 18 वार्ड हैं, वहां प्रतिदिन लगभग 15 टन कूड़ा निकलता है।
अभी नगर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में नगर पंचायत के जिम्मेदारों के निर्देश पर रोज निकलने वाला कूड़ा तमसा नदी के बंधा रोड के दोनों किनारों पर फेंका जा रहा है।
जबकि दोहरीघाट नगर पंचायत के 11 वार्डों से निकलने वाले एक मीट्रिक टन कूड़े को सरयू नदी के पुल के पास सड़क की दोनों पटरियों पर डंप किया जाता है।
वहीं अमिला नगर पंचायत के 15 वार्डों से निकलने वाले तीन टन कूड़े को सड़क किनारे डंप किया जा रहा है। यही स्थिति मधुबन नगर पंचायत में भी है, जहां 15 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाला कचरा मधुबन-दुबारी मार्ग के किनारे डंप किया जाता है।

दस निकायों में केवल दो के पास डंपिंग ग्राउंड
मऊ। जिले में नगर पालिका मऊ ने रैनी में डंपिंग ग्राउंड बनाया है, जबकि कोपागंज नगर पंचायत ने चेरूइया गांव में डंपिंग ग्राउंड विकसित किया है। बावजूद इसके, नगर पंचायत क्षेत्रों में कई स्थानों पर खुले में कचरा डंप किया जाता है। वहीं, नगर पालिका मऊ आबादी के बीच कचरा डंप करने को लेकर कई बार चर्चा में भी रही है। नगर से बाहर बने रोजगार्डन की चारदीवारी के बगल में बने गड्ढे को भरने के लिए कचरा डंप करना हो या बलिया मोड़ पर सड़क किनारे गड्ढे भरने में कचरे का प्रयोग करना, ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।
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आज खत्म हो जाएगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान
मऊ। जिले में एक जुलाई से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य डेंगू, मलेरिया, मस्तिष्क ज्वर और अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम है। इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ नगर निकायों को भी नियमित सफाई, जलभराव रोकने और स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, कई निकायों में अभियान का अपेक्षित असर अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है।
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लोग बोले
आबादी के बीच खाली प्लॉट डंपिंग ग्राउंड बन गया है। बारिश में कचरा बहकर सड़क पर आ जाता है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। -शुभम गुप्ता मोदी, डॉ. रामलाल गली, निजामुद्दीनपुरा
नगर पालिका कम से कम कंटेनर की व्यवस्था तो कराए, यदि इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर सकती। आबादी के बीच डंप कचरे से उठने वाली भीषण दुर्गंध हर साल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है। -शांति देवी, डॉ. रामलाल गली, निजामुद्दीनपुरा
कोट-
सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत वार्डों में नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा जहां डस्टबिन उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खुले में कचरा डंप करने से स्पष्ट मना किया गया है। पूर्व में भी बैठक में सभी ईओ को निर्देश दिए जा चुके हैं, ऐसा है तो ईओ से जानकारी मांगी जाएगी। -प्रवेंद्र कुमार, एडीएम
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