मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में सोमवार को हुई बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। रविवार की शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला पूरी रात रुक-रुक कर चलता रहा। मौसम में बदलाव के चलते अधिकतम और न्यूनतम पारा में एक डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। विद्यालय खुलने के समय बारिश होने के चलते बच्चों को भीगते हुए स्कूल जाते देखा गया। विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति 40 से 50 प्रतिशत रही। ठंड बढ़ जाने से पूरे दिन लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। बारिश से जहां रबी की फसल को संजीवनी मिली है वहीं अन्नदाता को आलू की फसल को लेकर चिंता भी सता रही है। किसानों का कहना है अब बारिश होने से आलू की फसल खराब होे जाएगी। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। रविवार की शाम से हो रही बूंदाबांदी के बाद सोमवार को तड़के धुंध छाया रहा। सुबह लगभग छह बजे से ही बूंदाबांदी होती रही। तापमान पर नजर डाला जाए तो सोमवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता का कहना है कि जिले में हल्की बारिश हुई है। बारिश फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। तेज बारिश होने की स्थिति में दलहनी, तिलहनी तथा आलू फसल पर असर पड़ सकता है। किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। फसल में रोग के लक्षण मिलने की स्थिति में विशेषज्ञों से सलाह लेकर रासायनिक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।
ग्रामीण सड़कोंं का बुरा हाल, राहगीर रहे परेशान
रविवार की देर शाम से हो रही बारिश से जनपद की ग्रामीण सड़कों का बुरा हाल था। कोपागंज विकास खंड के एकौना से मीरपुर मार्ग के निर्माण के लिए शासन से 76 लाख रुपये आवंटित होनेे केे बाद भी अभी तक काम नहीं शुरू हो पाया है। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए दोनों तरफ मिट्टी डालने से बारिश के बाद पानी सड़क पर ही लग रहा है। बारिश के बाद आसपास के गांव के लोग बड़ी मशक्कत के बाद इस सड़क से गुजरे। पूरी सड़क पर मिट्टी होने से साइकिल और दो पहिया वाहन चालक संभल कर चलते रहे। वहीं रतनपुरा विकास खंड के हलधरपुर अईलख मार्ग भी बारिश के बाद बदहाल हो गया था।