नवंबर में ठंड के बाद भी रोडवेज परिसर में रैनबसेरा न होने के कारण ठंड में बैठे यात्री।संवाद।संव
मऊ। नवंबर माह का एक पखवाड़ा बीत चुका है। ठंड ने दस्तक दे दी है, सुबह और शाम लोगों को ठंड का अहसास हो रहा है।
तापमान अधिकतम 26 डिग्री तो न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। लेकिन नगर निकायों के जिम्मेदारों को ठंड का अहसास नहीं हो रहा है। शहर में रैनबसेरे नहीं बनाए गए हैं। जरूरतमंद लोग रात में ठिठुर रहे हैं।
बताते चले कि नगर पालिका की ओर से हर वर्ष ठंड में नवंबर माह के पहले सप्ताह तक नगर के जिला अस्पताल और रोडवेज पर रैन बसेरा की शुरूआत कर दी जाती थी। अखबार की टीम ने बृहस्पतिवार की रात इन दोनों जगहों पर पड़ताल की, जहां जिला अस्पताल में अपने मरीज को लेकर भर्ती रामलखन ने बताया कि वो दो दिन से खुले में रहने को विवश है।अगर यह रैन बसेरा खुला होता तो वह उसमें रहता।
वहीं इसी तरह से रोडवेज परिसर में टीम पहुंची तो लखनऊ को जाने वाली बस का इंतजार कर रहे बलिया के सुनील ने बताया कि जनहित में नगर पालिका को यहां रैन बसेरा शुरू कर देना चाहिए था।
लेकिन अब तक इसको लेकर कवायद न होना जिम्मेदारों कि उदासीनता को दर्शाता है।बताते चले कि जिला अस्पताल में रैन बसेरा बनने से 40 जबकि रोडवेज में 50 लोगों को आश्रय मिलता है। कोपागंज नगर पंचायत द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थायी रैन बसेरा बनाया गया है, लेकिन यह अब तक बंद है।
इसी तरह से अदरी नगर पंचायत में बना रैन बसेरा और मधुबन नगर पंचायत में बना रैन बसेरा भी बंद पड़ा है। जबकि वलीदपुर, अमिला में रैन बसेरा नहीं बना है।
वहीं मुहम्मदाबाद गोहना और घोसी नगर पंचायत में रैन बसेरा अब तक शुरू नहीं हो सका है। ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि जल्द ही रैन बसेरे खुल जाएंगे।