बढुुआगोदाम (मऊ)। जिलाधिकारी की तरफ से शनिवार, रविवार को खाद, बीज की दुकान खोलने के आदेश के बाद भी समितियां पर ताला लटक रहा है। शनिवार को परदहां ब्लाक क्षेत्र के बढुआगोदाम स्थित साधन सहकारी समिति पर ताला लटका रहा। समिति के पास कुत्तों का जमघट लगा रहा। बकरियां बांधी गई मिली। उर्वरक के लिए किसान दो हफ्ते से समिति का चक्कर लगा रहे हैं। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
साधन सहकारी समिति बढुआगोदाम से क्षेत्र के डुमरांव, इमिलियाडीह, पनियरा, कहिनौर, बढुआगोदाम, नसीरपुर, सरयांरघुनाथपुर सहित एक दर्जन गांवों को खाद बीज की आपूर्ति की जाती है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की तरफ से समितियों तथा उर्वरक की दुकानों को शनिवार, रविवार के दिन भी खोलने का फरमान जारी किया गया है। हालत यह है कि नियम कानून को ताक पर रखकर साधन सहकारी समिति पर ताला लटका रहा। किसानों के अनुसार समिति पर 15 दिनों से ताला लटक रहा है। हालत यह है कि समिति के शटर के सामने कुत्ता सोए मिले। बकरियां बांधी गई मिली। यूरिया सहित अन्य उर्वरक लेने आए किसानों को बैरंग लौटना पड़।
इस संबंध में ताजोपुर के किंकर सिंह का कहना था कि समिति पर 15 दिनों से ताला लटक रहा है। यहां सचिव कब आते हैं कब चले जाते हैं पता नहीं चलता है। इसी क्रम में डुमरांव के किसान फतेहबहादुर सिंह का कहना है कि समिति पर किसानों की जरूरत के समय यूरिया, डाई की उपलब्धता नहीं रहती है। अधिक दाम पर उर्वरक खरीदना हम लोगों की नियति बन चुकी है। वहीं हरदसपुर निवासी सुनील तिवारी का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से समितियों पर ताला लटक रहा है। शिकायत के बाद भी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है। उधर, पनियरा के आशुतोष सिंह का कहना है कि धान की फसल में यूरिया के छिड़काव की जरूरत है। हर दिन समिति बंद मिल रही है। रोज बैरंग लौटने से पूरा समय खराब हो जा रहा है।