बारिश होने से पहले सड़के दुरस्त हो गई है। ऐसे में बारिश ने गड्ढामुक्त सड़कों का दावे की हकीकत खोल कर रख दिया है। हालात यह है कि नगर के मुख्य सड़क मार्ग से लेकर वार्ड की गलियों में बनी सड़क पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर हो गए गड्ढे में भरे पानी आवागमन में मुश्किल पैदा कर रहे हैं। उधर तमाम विकास की बात कहने वाले जिम्मेदार अब मानसून सत्र खत्म होने के बाद इसकी मरम्मत का दावा कर रहे है। ऐसे में पूरी बारिश में यह बदहाल सड़कें लोगों के आवागमन के समय होने वाली कठीन परीक्षा लेंगी।
नगर के बदहाल सड़क की बात करें तो वार्ड दो मुसरदह का अंदर नसोपुर को जाने वाला मुख्य मार्ग ही बीते कई सालों से बदहाल है। सड़क के बीचोबीच एक से डेढ़ फीट तक गहरे गड्ढे बने हुए है, ऐसे में दो दिन की बारिश में सड़क पूरी तरह से जलजमाव होने से तालाब नजर आ रही है। वहीं इसी वार्ड में महज 100 मीटर की दूरी पर यादव बस्ती को जाने वाला मार्ग पर निकासी का इंतजाम न होने से यहां बारिश में हमेशा जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। इसी तरह से निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में बनी नई सड़क किनारे पानी निकासी को लेकर नाली निर्माण तो है, लेकिन सफाई न होने के चलते यह चोक होने से बारिश में एक साल पहले बनी हुई सड़क पर जलजमाव बना रहता है। वहीं नगर के पुरानी तहसील को जाने वाला मार्ग भी बीते कई सालों से बदहाल होने से यहां एक से डेढ़ फीट तक गहरे गड्ढे बने हुए है, बारिश के बाद इसमें भरे पानी के बीच से गुजरने के दौरान दो पहिया वाहन चालक गड्ढे का अंदाजा न होने से घायल हो रहे है। इसी तरह से बलिया मोड़ पर राष्ट्रीय राज्यमार्ग 29 पर एक साइड पानी सड़क पर जमा है। इससे सड़क का दायरा ही सिमट कर रह गया है। वहीं मछली मंडी को जानी वाली सड़क पर सैकड़ों गड्ढे में पानी भर चुका है। ऐसे में इस सड़क से बड़ी संख्या में वार्डवासियों की आवाजाही होती है। ऐसे में इस सड़क पर वाहनों का दबाव भी रहता है। ऐसे में बदहाल सड़क आवागमन में दुश्वारियां पैदा कर रही है।
बदहाल सड़कों की समस्या को लेकर प्रस्ताव बनाया जा रहा है, कहीं बदहाल सड़क को मानसून से पहले वहां मरम्मत कार्य और इंटरलाकिंग जैसे कार्य कराए गए है। छूटे हुए कार्य की योजना का प्रस्ताव बनाकर शासन काे भेजा जा चुका है। दिनेश कुमार , ईओ नगर पालिका मऊ