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परिषदीय विद्यालयों के बच्चे बिना ड्रेस के ही मनाएंगे आजादी का पर्व:

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मऊ। स्वतंत्रता दिवस समाररोह के आयोजन को लेकर विद्यालयों में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। बेसिक शिक्षा से संबद्ध परिषदीय विद्यालयों में अभी तक बच्चों को मिलने वाला नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म का वितरण नहीं हो पाया है। जबकि शिक्षण सत्र के 143 दिन बीत चुके हैं। ड्रेस नहीं मिलने से बच्चे मायूस हैं। खंड शिक्षा अधिकारी इसके लिए जनपदस्तर से टेंडर के देर से होने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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बता दें कि जिले मेें 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 97 सहायता तथा 57 समाज कल्याण से संचालित विद्यालयों में लगभग 1.39 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने की तमाम कवायद विभागीय लापरवाही के चलते सफल होती नजर नहीं आ रही है। निजी विद्यालयों के छात्र जहां स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में यूनिफार्म में नजर आएंगे। वहीं परिषदीय विद्यालयों में नि:शुल्क ड्रेस का वितरण अभी तक नहीं किया जा सका है। जबकि विद्यालयों में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी जोरों पर चल रही है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चे पूर्वाभ्यास में जुटे हैं, लेकिन ड्रेस नहीं मिलने से उनमें मायूसी देेखी जा रही है। परिषदीय विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन, ठहराव आदि के लिए नि:शुल्क ड्रेस सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। नियम के तहत प्रति बच्चे को 600 रुपये की लागत से नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म दिया जाना है। लेकिन अभी तक नि:शुल्क ड्रेस वितरण होना तो दूर प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी है। अधिकारियों की माने तो जनपदस्तर से टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विद्यालयों में ड्रेस की खेप पहुंचाने का काम चल रहा है। इस बाबत नोडल अधिकारी तथा जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अखिलेश सिंह का कहना है कि नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म के लिए बजट जारी कर दिया गया है। ड्रेस वितरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बढुआगोदाम क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में स्वतंत्रता दिवस पर्व की तैयारियां जोरों पर चल रही है, लेकिन अभी तक परदहां ब्लाक क्षेत्र के एक मात्र प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नसीरपुर में ही ड्रेस का वितरण हो पाया है। अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में ड्रेस वितरण करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी रमेश सिंह का कहना है कि टेंडर देर होने से समस्या उत्पन्न हुई है।
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रानीपुर शिक्षा सत्र का चार माह बीत गया, लेकिन अभी तक परिषदीय विद्यालयों में नि:शुल्क ड्रेस का वितरण नहीं किया जा सका है। जबकि स्वतंत्रता दिवस पर्व में अब एक दिन ही शेष हैं। ब्लाक में 138 प्राथमिक तथा 61 उच्च प्राथमिक विद्यालय में 20200 बच्चों का नामांकन किया गया है। ड्रेस का वितरण नहीं होने से अभिभावकों तथा बच्चों में मायूसी देखी जा रही है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी एके गौतम का कहना है कि ड्रेस वितरण प्रक्रिया शुरू हो गई है।
घोसी तहसील क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के बच्चे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों में लगे हैं। लेकिन सरकारी विद्यालयों में नि:शुल्क ड्रेस का वितरण नहीं किया जा सका है। ऐसे में बच्चे बिना ड्रेस के ही कार्यक्रमों में शामिल होंगे। ड्रेस नहीं मिलने से बच्चे मायूस हैं। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी संजीव सिंह का कहना है कि जनपदस्तर से टेंडर की प्रक्रिया देर से शुरू होने से समस्या पैदा हुई है।
मुहम्मदाबादगोहना शिक्षा सत्र का चार माह बीत गया, लेकिन अभी तक परिषदीय विद्यालयों में नि:शुल्क ड्रेस का वितरण नहीं हो सका है। ब्लाक क्षेत्र में 114 प्राथमिक विद्यालयों में 14302 बच्चे तथा 51 उच्च प्राथमकि विद्यालयों में 4476 बच्चों का नामांकन किया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में कुछ बच्चे पुराने ड्रेस में प्रतिभाग करेंगे। तो कुछ बिना ड्रेस के ही भाग लेंगे। अभिभावकों का कहना है कि सरकार की तरफ से शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बच्चों को समय पर नहीं मिल पा रहा है।
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