मधुबन। सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने की शिकायत पर मंगलवार को एसडीएम ने तीन विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान सीडीपीओ, पूर्ति निरीक्षक समेत सात अधिकारी-कर्मचारी गायब मिले। एसडीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को भेजा है।
एसडीएम डॉ. सीएल सोनकर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे सबसे पहले पूर्ति विभाग कार्यालय पहुंचे। यहां उन्हें ना ही पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में बैठे मिले ना ही लिपिक। इसके बाद एसडीएम बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचे। यहां केवल एक पर्यवेक्षक सरिता गुप्ता तथा एक भृत्य मौके पर मिला, जबकि सीडीपीओ और लिपिक अनुपस्थित मिले। इसीक्रम में एसडीएम विपणन केंद्र पहुंचे। यहां भी मार्केटिंग निरीक्षक तथा लिपिक गायब मिले। जबकि कार्यालय के बाहर अनाज से भरे दो ट्रकों खड़े मिले। उनके पूछने पर चला कि वो कार्यालय के अधिकारी का इंतजार कर रहे हैं। तीनों कार्यालय में निरीक्षण में अनुपस्थित मिले सात अधिकारियों-कर्मचारियों को एसडीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन बनाकर जिलाधिकारी को भेजा। उधर एसडीएम के निरीक्षण से दूसरे सरकारी कार्यालयों में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही और अधिकारी-कर्मचारी एसडीएम का लोकेशन लेते रहे। इस बाबत एसडीएम डॉ. सीएल सोनकर ने बताया कि निरीक्षण में उन्हें सात अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित मिले हैं, जिनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बताते चले कि मंगलवार को एसडीएम द्वारा 20 दिन के भीतरी तीसरी बार सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इससे पहले 26 जुलाई को एसडीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिघरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतहपुर मंडाव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुग्गीचौरी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुबारी का निरीक्षण किया था। इसके अगले दिन 27 जुलाई को ब्लाक कार्यालय, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, विपणन विभाग, बीआरसी सहित नगर पंचायत का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में 15 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे।