मऊ। नगरीय परिषदीय विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षा और शैक्षिक परिवेश को बेहतर बनाने की पहल शुरू कर दी गई है। शासनादेश के तहत नगरीय क्षेत्र के जिस परिषदीय विद्यालय में सिर्फ तीस बच्चे हैं वहां के बच्चों को नजदीकी विद्यालय में समायोजित किया जाएगा। ताकि कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं बहाल कर छात्रों को बेहतर शिक्षा दी जा सके। इसके तहत नगर के छह विद्यालयों के बच्चों को नजदीकी विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा।
नगर क्षेत्र में 38 परिषदीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 35 सौ बच्चों का दाखिला हुआ है। नगरीय क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से कवायद शुरू कर दी गई है। जिस स्कूल में तीस बच्चे होंगे वहां के बच्चों को नजदीकी स्कूल में समायोजित कर वहां संसाधन बढ़ाए जाएंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि सरकार की योजना परिषदीय विद्यालयों में स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की है। नई व्यवस्था के तहत जिन विद्यालयों में छात्र संख्या अधिक है और अगर जमीन उपलब्ध है तो वहां अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। स्कूलों को मूलभूत सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय यदि भवन विहीन हैं तो नए भवन को किराए पर लेकर वहां छात्रों को शिक्षा देने की योजना है। कायाकल्प योजना के हत नगर क्षेत्र के विद्यालयों का सुंदरीकरण किया जाएगा।
इस नए नियम के तहत नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कासिमपुरा, प्राथमिक विद्यालय सहादतपुरा, प्राथमिक विद्यालय बक्सीपुर, मलिकताहिरपुरा, हरिकेशपुरा, अस्तुपुरा के बच्चों का समायोजन करीब के विद्यालयों में किया जाएगा।
नगर शिक्षा अधिकारी अशोक गौतम ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में यदि छात्र संख्या 30 या उससे कम है, तो वहां के बच्चों को नजदीक के विद्यालयों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।