मऊ। जिला अस्पताल में कार्रवाई से बचने के लिए उपस्थिति रजिस्टर फाड़ने के मामले में सीएमओ द्वारा दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। गठित टीम के सदस्यों ने गत दिवस जिला अस्पताल पहुंचकर एनसीडी क्लीनिक में चिकित्सक तथा कर्मचारियों से इस मामले की जानकारी ली। साथ ही उपस्थिति रजिस्टर और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की।
अनुपस्थिति से बचने के लिए सीएमएस कक्ष में रखा उपस्थिति रजिस्टर को तीन अगस्त को रजिस्टर का पेज फाड़ दिया गया था। इस मामले में सीएमएस डॉ. बृजकुमार द्वारा सीएमओ को पत्र लिखकर अवगत कराया गया था। इस मामले में सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह द्वारा दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। जिसमें एनसीडी क्लीनिक के नोडल अधिकांरी डॉ. पीके राय तथा डीपीएम रविंद्र कुमार शामिल है। जांच टीम गत शनिवार को इस मामले की जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंची। जहां इस संबंध में सीएमएस डॉ. बृजकुमार द्वारा रजिस्टर फाड़ने के मामले में एनसीडी क्लीनिक के ऊपर लगाए आरोप की जांच के लिए एनसीडी क्लीनिक पहुंची। यहां जांच टीम द्वारा चिकित्साधिकारी से लेकर कर्मचारियों से इस मामले की जानकारी ली गई। इसके बाद टीम सीएमएस कक्ष पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर के साथ कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की। इस बाबत सीएमओ डॉ.सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि सीएमएस कक्ष में रखे उपस्थिति रजिस्टर को फाड़ने के मामले में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। वो मामले की जांच कर रही है। बताते चले कि अमर उजाला द्वारा यह पूरा प्रकरण आठ अगस्त को कार्रवाई से बचने के लिए फाड़े रजिस्टर के पन्ने शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला अस्पताल सहित सीएमओ कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बन गई थी।