वलीदपुर। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के सोनौरा गांव में साढ़े तीन महीने पहले जमीनी विवाद को लेकर पड़ोसियों के बीच हुई मारपीट के मुकदमे की चार्जशीट विवेचक ने दो महीने पहले ही लगा दी थी। बाद में दोनों पक्षों ने मिलबैठकर आपसी सुलह भी कर लिया। अब साढ़े तीन महीने बाद आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति की शिकायत पर विवेचक पर नाम निकालने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप की जांच सीओ मुहम्मदाबाद करेंगे।
सोनौरा गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पड़ोसियों के बीच छह अगस्त 2020 को मारपीट हो गई। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से तीन आरोपियों के विरुद्ध दी गई तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में विवेचक सिकठिया पुलिस चौकी प्रभारी चंद्रभूषण पांडेय ने नौ सितंबर को चार्जशीट दाखिल कर दिया।गांव के लोगों के अनुसार बाद में दो पक्षों ने आपस में सुलह भी कर लिया। एक सप्ताह पूर्व आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति ने नाम निकालने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दिया। अब इस मामले की जांच सीओ मुहम्मदाबाद गोहना को सौंपी गई है। इस बाबत विवेचक चंद्रभूषण पांडेय का कहना है कि जब चार्जशीट दो महीने पहले ही दाखिल कर दी गई है तो नाम निकालने का प्रश्न ही कैसे उठ सकता है। रिश्वत मांगने का आरोप सरासर गलत है। ऐसा आरोप लगाना पुलिस पर दबाव बनाने के लिए की गई कुछ लोगों की गंदी चाल है। उधर सीओ नंदलाल कहते हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि शिकायत झूठी पाई गई तो शिकायत कर्ता के विरुद्ध विधि संगत कार्रवाई की जाएगी और यदि शिकायत सही पाई गई तो दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को दी जाएगी।