मऊ। सोमवार को बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सबसे बड़ी समस्या नेटवर्क की उत्पन्न हुई। बिजली आपूर्ति ठप होने से टावरों पर लगे जनरेटर नहीं चलें। इसका परिणाम रहा कि बीएसएनएल का नेटवर्क ध्वस्त हो गया। इस दौरान उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को मोबाइल नेटवर्क के साथ साथ ब्राडबैंड और लैंड लाइन सेवाएं बाधित रहने से काम प्रभावित हुआ। विकास भवन के किसी पटल पर कंप्यूटर पर काम नहीं हो सका। 25 लाख आबादी वाले जिले में बिजली के तीन लाख 14 हजार बिजली के उपभोक्ता है। इसमें एक तिहारी बीएसएनएल के उपभोक्ता हैं। सामान्य जिले के सभी अधिकारियों के पास बीएसएनएल का ही सीयूजी नंबर है। इस दौरान विकास भवन के सभी विभागों में बिजली ठप रहने से करोबार प्रभावित रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रात से ही ठप हो गई थी बिजली आपूर्ति
मऊ। बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सबसे दिककत ग्रामीण क्षेत्रों में हुई। कोपागंज ब्लाक में कई जगहों पर 24 घंटे पूर्व से आपूर्ति ठप थी, ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सोमवार को फाल्ट सुधाकर आपूर्ति बहाल कर दिया जाएगा। लेकिन हड़ताल पर होने के चलते सोमवार को पूरे कसबे में आपूर्ति बाधित रही। इसी तरह रानीपुर, वलीदपुर, रतनपुरा, घोसी आदि जगहों पर आपूर्ति बाधित होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।