मध्यरात्रि में ज्योंही चर्च का घंटा बजा, ईसाई समुदाय प्रभु यीशु के जन्म दिवस की खुशियों में डूब गया। लोगों ने जहां एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी तो वही गिरजाघरों में कैरोल सिंगिंग गूंज उठे और विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं।
जिले में क्रिसमस की चल रही तैयारी सोमवार की देर शाम पूरी हो गई थी। बाजारों में भी गहमागहमी रही। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर ईसाई धर्मावंलबी चर्च तथा अपने प्रतिष्ठानों को सजाने संवारने में लगे रहे। हर तरफ उल्लास का माहौल रहा।
रात 12 बजे ज्योही चर्च के घंटे घनघनाएं ईसाई समुदाय क्रिसमस के जश्न में डूब गए। पूरी रात जश्न का माहौल रहा। लोगों ने अपने प्रियजनों को आकर्षक उपहार देकर एक दूसरे को बधाई दी।
फेसबुक, वाट्सएप, ट्वीटर और मोबाइल से अपने प्रियजनों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी। मोबाइल नेटवर्क भी व्यस्त रहा। बधाई देने का सिलसिला सुबह तक चलता रहा। कई घरों में कैरोल सिंगिंग का दौर चला। लोगों ने गीत के माध्यम से यीशु राजा की आमद पर खुशी जताई।
इससे पूर्व घर-घर कैरोल सिंगिंग हुआ। क्रिसमस पर गिरजाघरों को बिजली की रंगीन झालरों से आकर्षक तरीके से सजाया गया था। वहीं ईसाई घरों पर खुशी का प्रतीक सितारे का प्रतीक भी लगाया गया था जो घरों पर रोशन होकर प्रभु यीशु के आगमन को बता रहा था।
चंद्रा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य केसी पीटर ने बताया कि आज से 2010 वर्ष पूर्व बेतलेहम की एक गोशाला में प्रभु यीशु ने जन्म लिया था। तीन चरवाहे सितारों के माध्यम से बेतलहम पहुंचे थे और प्रभु यीशु का दर्शन कर उन्हें तोहफे भेंट किए थे।
उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु का जन्म मानव जाति के उत्थान के लिए हुआ था। ऐसे में क्रिसमस पर हमें यीशु के सिद्घांतों को अपनाते हुए दूसरों की मदद करने का संकल्प लेना चाहिए। सविजा पीटर, अनिल मसीह ने कहा कि क्रिसमस हम सभी के लिए खुशियां लेकर आता है।
नगर के अमृत पब्लिक स्कूल में सोमवार को क्रिसमस के पूर्व संध्या पर क्रिसमस उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चे संता क्लाज की वेशभूषा में स्कूल पहुंचे और त्यौहार की खुशियां मनाई।
मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के प्रबंधक बीडी सिंह ने क्रिसमस के महत्व की जानकारी दी। समापन पर प्रधानाचार्या डॉ. माया सिंह ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को क्रिसमस एवं नववर्ष की बधाई दिया ।