ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को मिड-डे-मील
के तहत बुधवार को को दिया जाने वाला दूध पूरी तरह दिवास्वप्न हो गया है।
शुरूआती दौर में तो ब्लाक के कुछ विद्यालयों में एक-दो हफ्ते बच्चों में
दूध का वितरण किया गया लेकिन अब अधिकांश विद्यालयों में किसी भी बुधवार को
मध्याह्न भोजन में दूध नहीं दिया जा रहा है।
अभिभावकों की शिकायत के बाद भी
स्कूलों की मनमानी नहीं रुकी है।
कोपागंज विकास खंड क्षेत्र में 91
प्राथमिक तथा 44 जूनियर विद्यालय हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से बच्चों को
मानसिक व शारीरिक रूप से तंदरुस्त रखने के लिए परिषदीय विद्यालयों में
प्रत्येक बुधवार को मिड-डे-मील के तहत प्रति छात्र 200 मिली दूध वितरण किये
जाने के लिए गत 15 सितंबर को फरमान जारी किया गया था।
कुछ दिनों तक इस
योजना का संचालन किया गया, लेकिन अब दूध का वितरण कागज में ही चल रहा है।
इस संबंध में प्राथमिक विद्यालय ढेकवारा की छात्रा नेहलता ,सलोनी
आकांक्षा, रिंकी, विशाखा व प्राथमिक विद्यालय भदसामानोपुर की रेशमा, सोनी,
सहाना, अफसाना, कलश का कहना था कि मात्र एक दो हफ्ते ही दूध दिया गया।
इस
बाबत खंड शिक्षा अधिकारी बीरबल राम का कहना था कि बच्चो में दूध वितरण किया
जा रहा है। कहा की कुछ विद्यालयों में छात्रों की कम उपस्थित के चलते दूध
वितरण नहीं किया गया