मऊ। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के जीवन को संवारने के लिए शासन प्रशासन मुस्तैदी से जुट गया है। इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से चिह्नित बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रोवेशन विभाग से चिह्नित बच्चों की सूची मांगी है।
सरकार की तरफ से अनाथ बच्चों की मदद के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत बच्चों की पढ़ाई के साथ ही विवाह का खर्च सरकार देगी। जिले में प्रोवेशन विभाग ने 56 बच्चों को चिह्नित किया है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से इन बच्चों को विद्यालयों में दाखिला दिलाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। छह से 10 वर्ष के बच्चों को परिषदीय विद्यालयों तथा आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कार्ययोजना बनाई गई है। जबकि 11 से 13 वर्ष की अनाथ बालिकाओं को कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में दाखिला दिलाया जाएगा। प्रोवेशन विभाग की तरफ से विस्तृत विवरण न मिल पाने से दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
जिला प्रोवेशन अधिकारी से चिह्नित 56 बच्चों की सूची मांगी गई है। सूची मिलते ही सभी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - राजेंद्र प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी