प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश बुद्धिसागर मिश्रा ने हत्या सहित तीन मामलों में चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। प्रभारी जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी मणि बहादुर सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार बढुआ गोदाम गांव निवासी वादी मुकदमा रामकरन यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 18 दिसंबर को उसके भाई ग्राम प्रधान शैलेंद्र यादव नवनिर्मित शौचालय को देखने के लिए गए थे, उसी दौरान आरोपीगण गोली मारकर उनकी हत्या कर दिया।
मामले में आरोपी बढुआ गोदाम निवासी श्रीरामसिंह उर्फ बंटी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। दूसरा मामला कोतवाली मुहम्दाबाद गोहना का है ।अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा नरौनी गांव निवासी छविराज की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 16 जुलाई को उसका भाई धर्मराज ट्यूबवेल से पानी चलाने गया था। इसी दौरान आरोपगण ने उसे मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई। इलाज के दौरान धर्मराज की मौत हो गई। मामले में आरोपी नरौनी गांव निवासी रमाकांत यादव और रमायन यादव की ओर से अलग-अलग जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। तीसरा मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है । हलधरपुर गांव निवासी दीपक उर्फ जवाहर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसके 21 मई को पानी निकालने के विवाद को लेकर आरोपीगण ने उसके चाचा जितेंद्र, रामदास और मन्नू को मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई। मामले में आरोपी बलिया जनपद के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के हुवौली इंद्रचक निवासी सुनील कुमार की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।