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मऊ में सहायक अध्यापिका सेवा से बर्खास्त, एफआईआर का आदेश

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मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध परिषदीय विद्यालयों में में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के बर्खास्तगी का सिलसिला जारी है। मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रही सहायक अध्यापिका का को बर्खास्त कर दिया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी रानीपुर को एफआईआर दर्ज कराने के लिए फरमान जारी किया। इससे फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी कर रहे शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है। जांच प्रक्रिया में एक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर तलवार लटक गई है।
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बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध परिषदीय विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हाथिया शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए शासन के फरमान पर टीम का गठन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध परिषदीय विद्यालय में फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी का सिलसिला जारी है। सत्यापन रिपोर्ट पर नजर डाला जाए तो रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के उत्तरी प्रथम स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर पूनम यादव की तैनाती वर्ष 2016 मेें हुई। पूनम ने बीए प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष तथा तृतीय वर्ष का अंक पत्र फर्जी बनवाकर नौकरी हासिल कर लिया। सत्यापन रिपोर्ट न आने के चलते वेतन आहरित नहीं हो पाया था। सत्यापन में फर्जी मामला उजागर होने पर मंगलवार को बीएसए ओपी त्रिपाठी ने सहायक अध्यापिका पूनम यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी रानीपुर अशोक गौतम को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। जांच प्रक्रिया जारी रहने के चलते एक दर्जन लोगों पर तलवार लटक सकती है। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि सहायक अध्यापिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दे दिया गया है। जांच प्रक्रिया चल रही है।
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