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विधानसभा चुनाव ः थानों में 75 प्रतिशत लाइसेंसी असलहे जमा

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मऊ। विधान सभा चुनावों के मद्देनजर लाइसेंसी असलहों को जमा कराने की कवायद पुलिस प्रशासन की ओर से की जा रही है। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता जारी होने के बाद जिले के कुल 12 थानों की पुलिस ने औसतन 75 प्रतिशत असलहे थानों में जमा करा लिया है। लगभग 25 प्रतिशत असलहे अभी जमा कराए जाने बाकी हैं।
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लाइसेंसी असलहों की संख्या के लिहाज से जिले की मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली सबसे आगे है। असलहे जमा कराने में शहर कोतवाली पीछे है। नया बना रामपुर थाना असलहों की संख्या के लिहाज से सबसे पीछे है लेकिन जमा कराने के लिहाज से काफी आगे है। जिले के सभी 12 थाना क्षेत्रों में कुल 6575 लाइसेंसी असलहे हैं। जब जब चुनाव होते हैं तो शांति पूर्ण चुनाव संपन्न कराने के उद्देश्य से लाइसेंसी असलहों को थानों में अथवा लाइसेंसी शस्त्रों की दुकानों पर जमा करना होता है। आचार संहिता लागू होने से पूर्व सभी लाइसेंसी असलहे थानों में जमा करा दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन शनिवार को विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई, लेकिन अभी भी कई थानों में काफी असलहे जमा कराए जाने बाकी हैं।
जिले में सबसे अधिक 931 लाइसेंसी असलहे मुहम्मदबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में हैं। इनमें से यहां महज 506 असलहे जमा कराए गए हैं। दूसरे नंबर पर घोसी कोतवाली हैं जहां पर 834 असलहों में 430 जमा कराए गए हैं। जबकि शहर कोतवाली क्षेत्र में 679 लाइसेंसी असलहे हैं। लेकिन असलहे जमा कराने में यह सबसे पीछे हैं। अब तक यहां महज 265 असलहे जमा कराए गए हैं।
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कोपागंज थाना क्षेत्र में 698 में 505 असलहे जमा कराए जा चुके हैं। हलधरपुर थाने में 436 में 300 असलहे जमा कराए गए हैं। दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में 436 असलहों में से 290 जमा कराए जा चुके हैं। सरायलखंसी थाने से संबद्ध 478 असलहों में से 295 जमा कराए गए हैं। जबकि रानीपुर थाने के 634 असलहों में से 397 जमा कराए गए हैं। अपेक्षाकृत चिरैयाकोट थाने के महज 371 लाइसंसी असलहों में से 289 जमा कराए जा चुके हैं। इस प्रकार जिले के कुल 6575 लाइसेंसी असलहों में से अब तक 4196 जमा कराए जा चुके हैं। इस मामले में एसपी सुशील घुले ने कहा कि सभी थानों के थानाध्यक्षों को असलहों को जल्दी जमा कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बहुत जल्द असलहे जमा करा दिए जाएंगे।
असलहे न जमा कराने की भी है प्रक्रिया
मऊ। चुनाव के दौरान असलहे थानों में न जमा करने पड़ें। इसके लिए भी एक प्रकिया है। जिसे अपनाने के बाद असलहों को थानों में जमा करने से छूट मिल सकती है। लेकिन इसके लिए समिति की रिपोर्ट जरूरी है। जिन लोगों को चुनाव के दौरान भी जान माल का खतरा हो सकता है। वे अपने एसडीएम के पास प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। उनके प्रार्थनापत्रों पर विचार करने के लिए एक समिति होगी जो प्रार्थनापत्रों पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी।कुछ शर्तों के साथ् समिति की संस्तुति पर असलहे जमा करने से छूट मिल सकती है। समिति अगर प्रार्थनापत्र में दिए गए कारणों से संतुष्ट नहीं होगी तो इस प्रकार की छूट नहीं भी मिल सकती है।
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