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कोरोना काल में एक्टिव नहीं है एंटी रोमियो टीम

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मऊ। कोरोना संक्रमण काल में एंटी रोमियो टीमें एक्टिव नहीं हैं। स्कूल कॉलेजों के बंद रहने से छींटाकशी और छेड़खानी का घटनाओं में काफी कमी आई है। यद्यपि, गांवों में छेड़खानी की छिटपुट घटनाएं हो रही हैं। कोरोना संक्रमण काल में पुलिस कर्मियों की गतिविधियों में भी तेजी आ गई है। इसलिए पुलिस शोहदों पर नजर रखने का समय नहीं निकाल पा रही है।
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प्रदेश में सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने राह चलती युवतियों महिलाओं, स्कूल कॉलेज जाने वाली छात्राओं के साथ छींटाकशी और छेड़खानी पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो टीमों का गठन किया था। इन एंटी रोमियो टीमों को फोन काल आने के दस मिनट के अंदर घटना स्थल पर पहुंचने के आदेश थे। शुरूआती दौर में इन टीमों का कार्य भी सराहनीय रहा। ये टीमें शोहदों पर प्रभावी अंकुश लगाने में काफी हद तक कामयाब भी रहीं। बाद में जनपद के सभी 12 थानों पर एंटी रोमियो टीमों का गठन कर दिया गया। इस टीम में एक उप निरीक्षक दो पुरुष और दो महिला आरक्षी शामिल किए गए हैं।
पिछले साल 2020 के मार्च महीने से आए कोरोना संक्रमण काल के चलते पुलिस कर्मियों की ड्युटी कई अन्य स्थानों पर लगनी शुरू हो गई। इधर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने लगे और कोरोना संक्रमण भी बढ़ गया। इससे भी पुलिस की व्यस्तता बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं किशोरियों के साथ छींटाकशी की घटनाएं यदा कदा हो जाती हैं। जिसकी एफआईआर दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई करती है। वैसे भी फोन काल आने पर एंटी रोमियो टीमें मौके पर पहुंचकर शोहदों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करती हैं। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवननाथ त्रिपाठी का कहना है कि प्रत्येक थानों पर तैनात एंटी रोमियों टीमें अपना काम करती हैं। फोन काल आने पर तत्काल मौके पर पहुंचती हैं।
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