सांसद हरिनारायन राजभर के द्वारा गोद लिए गए आदर्श गांव डुमरावं के पश्चिमपुरा के लोगों ने शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता और राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने मांगों को लेकर नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ‘रास्ता नहीं तो वोट नहीं, वोट फॉर नोटा’ के बैनर संग सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
गांव के लोगों का कहना था कि इस गांव की उपेक्षा राजनीतिक दलों की उपेक्षा के चलते हुई है। इसी गांव के रहने वाले वीर रस के महान कवि पं.श्याम नारायण पांडेय ने वीर रस की महान कृति हल्दीघाट की रचना करके समूचे भारत में इस गांव का डंका बजा दिया था। लेकिन वही गांव आज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। ग्रामीण प्रेमनाथ सिंह ने कहा कि जब तक गांव में सड़क और नाली का निर्माण नहीं होगा तब तक चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा और इस बार ‘नोटा’ का बटन दबाया जाएगा। गांव में विकास कार्य न होने पर लोगों में नाराजगी है, ग्रामीणों को आने जाने के लिए सड़क तक नसीब नहीं हो पाई है। बरसात के मौसम में सड़क पर पानी ही पानी होता है। जबकि यह गांव मऊ शहर से सटा हुआ है।
पश्चिमपुरा के 40 परिवार के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने और नोटा बटन दबाकर अपना गुस्सा शासन, प्रशासन व नेताओं तक पहुंचाने का निर्णय लिया। प्रदर्शन के दौरान प्रेमनाथ सिंह, सुरत, मनोज, मुन्ना बंगगी नंदलाल मेलहू खलीफा सचिता देवी संगम मुनिया, मुन्नी, फुलमति, सविता, जमुरती सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।