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Mau News: सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए आकृति को लगा पहला एचपीवी टीका

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सर्वाइकल कैंसर से बचाव के जिला महिला अस्पताल में किशोरी का टीकाकरण के दौरान मौजूद सीएमओ डा. संज - फोटो : मादक पदार्थों का निस्तारण कराती सीओ चंचल त्यागी। संवाद
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जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण अभियान सोमवार को जिला महिला अस्पताल से शुरू किया गया। वैक्सीनेशन की शुरुआत आकृति चौहान को टीका लगाकर की गई।
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सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता और जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीलेश कुमार श्रीवास्तव ने आकृति चौहान को वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भी दिया।
सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलने वाले अभियान में कुल 20 किशोरियों का टीकाकरण किया गया। आगामी एक अप्रैल से जून माह तक हर सीएचसी पर भी टीकाकरण किया जाएगा।
जनपद में करीब 26 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। जिन किशोरियों की उम्र 14 साल से लेकर 15 साल 90 दिन तक है, उन सभी को टीका लगाया जाएगा।
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सिंगल डोज है एचपीवी वैक्सीन, कैसे होगा रख-रखाव
एचपीवी वैक्सीन सिंगल डोज है। यह गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती है और इसे 6-12 महीने के अंतराल (यदि दो खुराकें हों) की तुलना में एक बार में ही लगवाना आसान है। वैक्सीन को हमेशा दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान पर रेफ्रिजरेटर में रखा जाएगा। इसे कभी भी फ्रीज नहीं करना है। वैक्सीन को प्रकाश से बचाकर उसकी मूल पैकेजिंग में ही रखना है। टीकाकरण के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या सूजन होने पर ठंडा या गुनगुना नम कपड़ा रखा जा सकता है। हल्का बुखार या दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह पर पैरासिटामोल दी जा सकती है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अहम है वैक्सीन
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है, जो गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में विकसित होता है। इसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण होता है, जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर कोशिकाओं में असामान्य बदलाव पैदा करता है।शुरुआत में यह बीमारी बिना लक्षण के रहती है, लेकिन धीरे-धीरे असामान्य रक्तस्राव, कमर व पेल्विक दर्द, संभोग के दौरान दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं। यदि समय पर जांच और उपचार न मिले तो यह कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। एचपीवी वैक्सीन किशोरावस्था में लगने पर इस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है। यही कारण है कि इस टीकाकरण अभियान को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है। कुल 26 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित अवधि में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
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-डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ
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