जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई किए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने रविवार को नगर के भीटी स्थित शिक्षक सदन पर प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की
इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में तैनात सफाईकर्मी जिले के अधिकारियों के आवासों पर कार्य करते हैं। विद्यालय कभी आते ही नहीं हैं। शिकायत के बाद भी लापरवाह सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है।
गंदे शौचालयों के कारण शिक्षकों को निलंबित करना अन्यायपूर्ण कार्रवाई है। इसी प्रकार हैंडपंपों को ठीक कराना जल निगम व जिले के अधिकारियों का कार्य है। मिड-डे-मील का कनवर्जन कास्ट नवंबर 2015 से नहीं मिला है। बकाया के भुगतान के लिए अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी है। इसके विपरीत जहां एमडीएम बंद है जो कि ग्राम सभा द्वारा संचालित है निलंबन शिक्षकों का हो रहा है। शिक्षकों का घोर उत्पीड़न तथा शिक्षकों को अपमानित होने वाला कार्य हैं।
जिसे संगठन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा भेदभावपूर्ण तरीके से निलंबित किया गया है। यह शिक्षकों का घोर उत्पीड़न तथा शिक्षकों को अपमानित होने वाला कार्य है। इसी क्रम में उपाध्यक्ष प्रवीण राय ने कहा कि बीएसए द्वारा भेदभावपूर्ण तरीके से शिक्षकों को निलंबित किया गया है।
जहां ज्यादा कमियां हैं। वहां कोई कार्यवाही नहीं की गई। जहां जांच अधिकारी द्वारा सब कुछ अच्छा लिखा गया है वहां भी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। इसी क्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नित्यप्रकाश यादव गलत कार्यवाहियों को सुधारा नहीं गया तो शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस अवसर पर रजनीश कुमार सिंह, रमाशंकर सिंह, चंद्रतारा राय, नसीम अहमद, अजय राय, सिद्धनाथ प्रसाद, राशिद जमाल, बृजेश राय, रमाकांत यादव, ओमप्रकाश शुक्ल आदि शामिल थे।