मऊ। मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा की अध्यक्षता में उप्र सरकार द्वारा निराश्रित गोवंश संरक्षण की बैठक मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय कक्ष में हुई।
मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने सभी एडीओ पंचायत एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि पांच दिसंबर 2020 से 27 दिसंबर 2020 तक जो भी भुगतान ग्राम पंचायतों में हुआ है उसका बैंक विवरण जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। समस्त ग्राम पंचायतों में बिना कार्य कराए ही भुगतान करा दिया गया है। ऐसे कार्यो का सत्यापन कर अपनी आख्या प्रस्तुत करें। अन्यथा जांच के दौरान कमियां मिलने पर खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक तथा संबंधित लेखाकार सहित पूर्व ग्राम प्रधान को दोषी मानते हुए गैंगेस्टर एक्ट की तहत सुसंगत धाराओं में संबंधित के खिलाफ कार्यवाही कराई जाएगी।
इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी दशा में क्षम्य नहीं की होगी। समस्त गोआश्रय स्थलों के चार दीवारों की मजबूती में किसी प्रकार की कमी न करें, जिससे कि बाहरी जानवर अंदर आ जाए। गोआश्रय स्थल संबंधित ग्राम पंचायतों में चारागाहों की भूमि यदि ग्रामीणों द्वारा कब्जा किया गया है तो उसे तत्काल खाली कराकर उसमें नेपियर घास लगवाएं जो पशुओं के चारा के काम आ सके। उन्होनें कहा कि गोआश्रय स्थलों की नियमित साफ-सफाई कराते रहें जांच के दौरान गंदगी पायी जाती है तो संबंधित अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी विजय शंकर राय, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।