मऊ। बीते विधानसभा आमचुनाव चुनाव के दौरान हेट स्पीच सहित चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के कुल तीन मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की शुक्रवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। सीजेएम/ रिमांड मजिस्ट्रेट ने मामलें मे 26 जून की तिथि नियत की है। इसमें दो मामला शहर कोतवाली तथा एक मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मामले में एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी और अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद हिसाब-किताब करने और सबक सिखाने की धमकी दी थी। पुलिस ने अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुफपुर निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। उमर अंसारी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, उनकी ओर से गैरहाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया। अब्बास अंसारी की जरिए वीसी पेशी हुई। मामला साक्ष्य में चल रहा है। साक्षी एसआई गंगाराम बिंद उपस्थित हुए, जीरह नहीं हो सकी। रिमांड मजिस्ट्रेट/ प्रभारी सीजेएम ने मामले में साक्ष्य के लिए 26 जून की तिथि नियत की है।
दूसरे मामले मेंं एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि 27 फरवरी 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजाराम पुरा से लेकर भरहु का पूरा तक रोड शो निकाला। इसमें 5-6 गाड़ियां तथा 100-150 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, जुल्फेकार और धर्मेंद्र सोनकर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। उच्च न्यायालय ने आरोपियों पर किसी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है। प्रभारी सीजेएम/ रिमांड मजिस्ट्रेट ने मामले में 26 जून की तिथि नियत की।
तीसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 22 को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का दर्ज हुआ था। मामले में पुलिस ने विवेचना कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, साकिब लारी,शाहिद लारी,इशराईल अंसारी और रमेश राम के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन मेंं सीजेएम ने धारा 188,171 भादवि के आरोप से मुक्त कर दिया है। वही धारा 133 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत संज्ञान लिया है। जिसमें आरोप तय करने के लिए आरोपियों का बयान दर्ज होना है। रिमांड मजिस्ट्रेट/ प्रभारी सीजेएम एमपी/ एमएलए ने आरोपियों का बयान के लिए 26 जून की तिथि नियत की है।