नगर के ख्वाजहांपुर स्थित नवीन उपमंडी स्थल में शौचालय न होने के बाद खुले में फैली गंदगी और कूड़ा कचरा।
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एक तरफ दो अक्तूबर तक जिले को ओडीएफ करने के लिए जुटा प्रशासन प्रति दिन बैठक करने के साथ चौपाल लगाने के साथ समीक्षा आदि कर रहा। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के साथ संबंधित विभाग जुटा है, इसी क्रम में जिले की नगर पालिका के साथ नगर पंचायत भी नगरी क्षेत्र को ओडीएफ करने के लिए प्रयासरत है। इस सबके बीच जिले मुख्यालय पर ऑफीसर्स कॉलोनी के समीप मौजूद कृषि मंडी को जिला प्रशासन के साथ संबंधित विभाग और अन्य कार्यदायी संस्था भूल गया। मंडी सरकार की स्वच्छता योजना का माखौल उड़ा रही है। मंडी परिसर में सार्वजनिक शौचालय न होने से बाहर से आने वाले व्यापारी और माल लेकर आने वाले ट्रकों के चालक खुले में शौच कर रहे। दूसरी तरफ सफाई न होने से मंडी में गंदगी फैल रही है। समस्या से अवगत होने के बाद भी नगर पालिका ने मंडी परिसर में कोई भी व्यवस्था करने से इंकार किया।
नगर पालिका क्षेत्र के ख्वाजा जहांपुर के बलिया मोड़ स्थित कृषि मंडी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से रोजाना सैकड़ों व्यापारी आते है। इसके अलावा रोजाना सैकड़ों ट्रकों से फल, सब्जी लेकर चालक, क्लीनर यहां पहुंचते हैं। साथ ही मजदूरों और ग्राहकों का जुटना भी शुरू हो जाता है। लेकिन मंडी परिसर में एक भी सामुदायिक शौचालय न होने के चलते इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा। नतीजतन खुले में शौच करना इनकी मजबूूरी है। पिछले एक साल से चल रहे स्वच्छता मुहिम के तहत व्यापारियों की इस समस्या का निस्तारण की उम्मीद थी, लेकिन यह उम्मीद भी अब धूमिल होती जा रही है। जहां जिला प्रशासन और नगर पालिका एक ओर शहर और जिले को ओडीएफ करने के प्रयास में जुटा हैं, वहीं शहर के पॉश क्षेत्र के समीप इस समस्या के होने के बाद भी इसे दूर करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। मधुबन के व्यापारी राजाराम सोनकर ने कहा कि पिछले काफी समय से मंडी आते है, लेकिन शौचालय न होने की दशा में उन्हें कई बार परेशानी उठानी पड़ी है। कटघरा निवासी जगदीश गुप्ता ने कहा सरकार को मंडी में सामुदायिक शौचालय बनवाने के लिए पहल करनी चाहिए।
भीटी के व्यापारी प्रेमचंद्र ने कहा कि कई बार शौचालय न होने की स्थिति में लोगों को परेशान होते देखा है। ट्रक चालक रामनाथ ने बताया कि जहां सफर में उसे कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन यहां पहुंचने पर शौचालय न होने से परेशानी होती है। नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी ने कहा कि मंडी परिसर में नगर पालिका हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। हांलाकि शिकायत मिलने पर वो मंडी परिसर के बाहर मोबाइल टॉयलेट या सामुदायिक शौचालय बनवाने की दशा में विचार कर सकते हैं। डीपीआरओ एसपी सिंह ने कहा कि यह नगर पालिका क्षेत्र में आता है। यहां शौचालय या सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराना उनके विभाग का नहीं बल्कि नगर पालिका की जिम्मेदारी है।