मऊ। अपराधियोें के कहर से वर्दी काफी दहशत मेें है। सामने ही बदमाशोें ने मिष्ठान्न व्यवसायी की हत्या कर दी, लेकिन पिकेट पर तैनात दो सिपाहियोें के मुंह से आवाज तक नहीं निकली। दुम दबाकर वे भी एक दुकान में घुस गए।
जब तक थाने से फोर्स नहीं आई दोनों ने घटनास्थल तक जाने की जहमत नहीं उठाई। कुछ दिन पहले ही हुई मुठभेड़ को भी वे भूल गए जिसमें कोतवाल गोविंद सिंह शहीद हुए थे। सिपाहियों ने साहस दिखाया होता तो चारों बदमाश या तो मारे जाते या फिर पकड़े जाते। काछी के पूर्व प्रधान भी कोपागंज एसओ की मोबाइल पर बदमाशों के भागने की लोकेशन देने के लिए परेशान रहे। लेकिन काल नहीं रिसीव हुई। इससे एक बार फिर लोगों के मन में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ है।