दोहरीघाट। क्षेत्र के चिऊटीडांड़ गांव में घाघरा का कहर जारी रहने से गांव का अस्तित्व ही खतरा में पड़ गया है। भीषण कटान से महुला गढ़वल पर भी खतरा बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। नदी कटान करते पुलिस चौकी रामनगर तक पहुंच गई है। इसके बाद भी शासन प्रशासन की ओर से कटान रोकने की कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है।
घाघरा के उल्टी दिशा में बहने से तटवर्ती इलाकों के लोगों की आंखों से नींद गायब है। लोग जागकर पूरी रात बिता दे रहे हैं। घाघरा कटान करते रामनगर पुलिस चौकी तक पहुंच गई है। कटान पीड़ितों की मानें तो नदी उल्टी दिशा में बह रही है। घाघरा कटान करते हुए सहरोज होते हुए टौंस नदी तक की ओर बढ़ रही है। यही स्थिति रही तो महुला गढ़वल बांध भी जद में आएगा। इससे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आने तय हैं। धनौली रामपुर से कटान बंद होकर चिऊटीडांड़ गांव में शुरू हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से चिऊटीडांड़ क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित किया जा चुका है। इस संबंध में धनौली रामपुर के रामबचन राय, अतुल राय, नई बाजार के रामसमुझ यादव, चिऊटीडांड़ के रामविलास नायक का कहना था कि प्रशासन की ओर से रेड अलर्ट तो घोषित कर दिया गया है, लेकिन ठोकर बनवाकर नदी की धारा को मोड़ा नहीं जा सका है। सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने की दिशा में सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।